शिव स्वरोदय शास्त्र

शिव स्वरोदय शास्त्र

'शिव स्वरोदय' स्वरोदय विज्ञान पर अत्यन्त प्राचीन ग्रंथ है। इसमें कुल 395 श्लोक हैं। यह ग्रंथ 
शिव-पार्वती संवाद के रूप में लिखा गया है। शायद इसलिए कि सम्पूर्ण सृष्टि में समष्टि और व्यष्टि का अनवरत संवाद चलता रहता है और योगी अन्तर्मुखी होकर योग द्वारा इस संवाद को सुनता है, समझता है और आत्मसात करता हैं। इस ग्रंथ के रचयिता साक्षात् देवाधिदेव भगवान शिव को माना जाता है।

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भगवान शिव की पुस्तक "शिव स्वरोदय शास्त्र" |

Free Download "Shiv Swarodaya  Shastra" 

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7 comments

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दिलीप
admin
11 September 2016 at 08:41 ×

खूप दुर्मिळ ग्रंथ उपलब्ध करून दिल्याबद्दल आपले मनापासून आभार.

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Kisna
admin
13 September 2016 at 09:19 ×

ऐसे अनमोल पुस्तके और ग्रंथो को ऑनलाईन उपलब्ध कराने के लिये लाखो बार शुक्रिया.

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13 September 2016 at 19:44 ×

धन्यवाद दिलीप जी,
नवनवीन पीडीएफ पुस्तको के लिये हमारी वेबसाईट से जुडे रहिये,
अपने दोस्तो को बताये.

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13 September 2016 at 19:47 ×

धन्यवाद किसना जी,
आशा करते है की आप हमारी वेबसाईट से जुडे रहेंगे,
अपने दोस्तो को बताये.

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Unknown
admin
8 March 2017 at 16:41 ×

ऐसे अनमोल पुस्तके और ग्रंथो को फ्री में ऑनलाईन उपलब्ध कराने के लिये बहुत बहुत धन्यवाद|इससे भारतीय ज्ञान ग्रहण करने में मदद मिलेगी|
रोशन लाल भांबी

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Anonymous
admin
12 August 2018 at 21:00 ×

Dhanyavad, Om namah shivay! God bless you for sharing this.

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Unknown
admin
26 August 2018 at 20:32 ×

Kya apke pass Lakulish upnishad hai?

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